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1,35,007 रूपये प्रति व्यक्ति वार्षिक आय के तथ्य का सभापा ने कि

          

हरियाणा में प्रति व्यक्ति आय 1 , 35 , 007 रूपये वार्षिक है। ये विज्ञापन हरियाणा सरकार की ओर से सभी अखबारों में छापा जा रहा है। सभापा ने प्रेस विज्ञप्ति   जारी कर इसकी सच्चाई पर जानकारी दी।
अगर हरियाणा के प्रति व्यक्ति की वार्षिक आमदनी 1 , 35 , 007 रूपये है तो पाँच सदस्य वाले परिवार की वार्षिक आमदनी 6 , 75 , 035 रूपये होनी चाहिए। मतलब 56 , 253 रूपये प्रति माह। वास्तव में क्या ऐसा है। आप खुद ही फैसला कीजिए। अगर ऐसा होता तो हरियाणा में 56 फीसदी लोगों को फूड सबसिडी की जरूरत नहीं होती , कोई भी बी.पी.एल कार्ड धारक नहीं होता। तो फिर क्या है ये आंकड़ो का खेल जिससे जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। प्रति व्यक्ति की वार्षिक आय किस तरीके से निकाली जाती है पहले तो हम उसे समझाते हैं। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद की राशी को जनसख्ंया से भाग कर के इसे निकाला जाता है। यह औसतन आकंडा होता है। जमीनी स्तर के हालात देखते हुए इससे यह अन्दाजा लगाया जा सकता है कि हरियाणा में 500 से 1000 लोगो की आमदनी बहुत ज्यादा है और बाकी लोगों की औसतन से बहुत कम।

हरियाणा का 2013 - 14 का राज्य सकल घरेलू उत्पाद 3 लाख 92 हजार 894   करोड़ आंका गया है और आबादी 2 करोड़ 91 लाख के करीब। इससे प्रति व्यक्ति की वार्षिक आय 1 लाख 35 हजार निकाली गई है।

राज्य के सकल घरेलू उत्पाद ( GDP ) का 20 फीसदी हिस्सा कृषि या कृषि सम्बधित गतिविधियों से आता है जबकि गावों में रहने वालों की आबादी 65 फीसदी है। इसके हिसाब से गावों में रहने वाले 1 करोड़ 91 लाख लोगों की प्रति व्यक्ति वार्षिक आमदनी 41,000 रूपये के करीब है जो गावों के हालात को देखते हुए वास्तविक भी लगती है।

 

जो लोग शहरों में उद्योग या सेवाएं देने वाले सैक्टर में लगे हैं वही अमीर होते जा रहे हैं नौकरी पेशे वाले , किसान व आम नागरिक पिस रहे हैं।

 

हरियाणा की हुड्डा सरकार जनता को आंकड़ो के जाल में न फसाए तो अच्छा होगा।

 

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