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पार्टियां हर किस्म के कार्ड खेल रही हैं...

21-03-2014
हरियाणा में लोक सभा की टिकटों को लेकर पार्टियां हर किस्म के कार्ड खेल रही हैं। कहीं पंजाबी कार्ड की बात है तो कहीं वैश्य समाज को टिकट न मिलने की। कहीं ब्राहमण, अहीर बहुल्य क्षेत्र है तो कहीं जाटों को ध्यान में रखना जरूरी है। कोई आखरी दिन ही टिकट के लिए पार्टी छोड़ता है तो कोई आखरी दिन टिकट के लिए पार्टी में शामिल होता है। कोई असूल नहीं, कोई सिद्धांत नहीं सिर्फ स्वार्थ और एक ही होड़ कि जिताऊ उम्मीदवार कौन है और चुनाव कैसे जीता जा सकता है। राजनितिक तंत्र में इतनी गिरावट को देख कर बहुत दुःख होता है और यह सोच कर डर लगता है कि देश किस दिशा में जा रहा है।

नेता लोग कहते हैं कि भारतीय राजनीति में जो सिद्धान्त की बात करेगा उसका होगा सीधा अंत। आज नेता और राजनीतिक दल सिद्धान्तों की बात ही नहीं करते। पार्टियां जिताऊ उम्मीदवार के लिए सभी सिद्धांतों को ताक पर रख देती हैं। नेता जीतने वाली पार्टी की टिकट पाने के लिए क्या क्या खेल खेलते हैं सभी जानते हैं। पार्टियां और नेता चुनाव जीतने के लिए सब कुछ कर गुजरने के लिए तैयार रहते हैं। ये सब सोच कर चिंतित होता हूँ कि ऐसे हालात में बुरी व्यवस्थाएं कैसे बदल सकती हैं।

सिद्धांतों और नैतिकता की राजनीति को वापिस लाना होगा। अच्छे लोगों को राजनीति में सक्रिय होना होगा। जनता को भी अपनी भूमिका निभानी होगी तभी देश की व्यवस्थाएं बदली जा सकती हैं।

समस्त भारतीय पार्टी इसी दिशा में एक प्रयास है जो आपके सहयोग से ही अपनी मंजिल तक पहुँच सकती है। अगर विचारों से सहमत हैं तो अपनी भूमिका को जरूर निभाएं, ये आपकी देश के प्रति जिम्मेदारी है।

सुदेश अग्रवाल
राष्ट्रीय अध्यक्ष, समस्त भारतीय पार्टी

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